Rakesh Kumar r.k.k

याद है मुझे वो चार पल की महोब्बत ,किसी ने हम पर भी एहसान किया था…😢💔😢*कलम लिख नही सकते मेरे दिल के फसाने**मुझे तुझसे मोहब्बत है तेरे दिल की खुदा जाने**_आदत सी लग गयी है तुम्हें हर वक्त देखने की,_**_अब इसे प्यार कहते है या पागलपन ये पता नहीं !_*🌹तुम्हें ही सोचेंगी और तुम्हारा ही ख्याल करेंगी**ये ख़ामोशियाँ मेरी देख लेना एक दिन कमाल करेंगी*अब हमसे ना पूछो मायने मोहब्बत के..!*😘*जितनी भी थी तुम पर लुटा दी हमनें….!!*💖

Author: Rakesh Kumar rkk

_😊मै *😕मतलबी* ❌नही जो 🤝चाहने वालो को *😡धोका दू...........*_ _*↬ⓐ৳」ⓐ∽↫*_ _☝🏻बस, 😊मुझे *🔆समझना 👉हर* किसी के ✊बस की *बात ❌नही है............*_ _

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