Rakesh Kumar r.k.k

मधुशाला में गिरता तो खुद ही उठ जाता साहब,,,,*
*मोहब्बत में गिरा हूँ ,,,, अब तो खुदा ही उठाएगा…!!!!🌹”हम तराश देंगे तुमको ..
इस कदर लफ्जों के दरमियां ,
की हमारी शायरी में सिर्फ ,
तुम्हारा ही किस्सा होगा ..!!🌹अल्फाजो से क्या बयाँ करु अपनी मोहब्बत के अफसाने,**हमारे दिल मे तो वो ही है ओर उसके दिल की खुदा जाने.*✍🏻उनके बिना खुशियाँ भी हमें, अधूरी सी लगती है, लोग जिसे जीना कहते हैं, ऐसी जिन्दगी हमें मजबूरी सी लगती है..!!*

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Author: Rakesh Kumar rkk

_😊मै *😕मतलबी* ❌नही जो 🤝चाहने वालो को *😡धोका दू...........*_ _*↬ⓐ৳」ⓐ∽↫*_ _☝🏻बस, 😊मुझे *🔆समझना 👉हर* किसी के ✊बस की *बात ❌नही है............*_ _

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