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Rakesh Kumar r.k.k

कौन सी “यादें”💕*
*कौन सी “बातें”*
*कौन सा “राज़” हो “आप”💕**मेरी “साँस” मेरी “सोच” “हो आप”*
*”आँखों” के पास नहीं ना सही*
*मगर “दिल” 💕के बहुत पास”हो आप “💕कुछ 👬लोग दिल❤ के इतने 👌खुबसुरत🌹 होते है……..**कि चाहे वो ना मिले… पर उम्र भर उन्हे चाहने को दिल ❤करता है*……गुलशन तो तू है मेरा*
*बहारों का मैं क्या करूँ* ……💕💕*नैनों मैं बस गए हो तुम*
*नज़ारों का मैं क्या करूँ ……💕💕दिल में तुम्हारी यादें, बंद जुबां पर तुम्हारा ही जिक्र है*🌹🌹
*बेहद कशमकश में है दिल, ये इश्क है या फिक्र है*🌹🌹कभी कभी पता नहीं लगता कि दांव पर क्या लगा है,हारने के बाद एहसास होता है कि बहुत कुछ हार गये।मेरा प्यार*
*अनकहे शब्दों का संसार है**जिसे*
*सिर्फ़ दिल ही समझता हैतेरी इन मदहोश नजरों में,
मेरे लिए चाहत
उभर आई है…जुबान से छिपा ले जितना भी,
काज़ल लगी आंखे
हरजाई है…अगर ज़िन्दगी दोबारा
मिली तो***
अगले बार तुझे
अपने हक में लिखवाकर
आयेंगे ……..

Rakesh Kumar r.k.k

💞लफ्जों में मेरे तेरा असर जरूर मिलेगा…!!🌹💯〽🎷
तेरा नाम ना भी मिले तेरा जिक्र जरूर मिलेगा💞💯〽🎷यादें ही अच्छी है
कम से कम जाने की
जिद तो नहीं करती !!तेरी आवाज़ तेरे रूप की पहचान है,
तेरे दिल की धड़कन में दिल की जान है,
ना सुनूं जिस दिन तेरी बातें,
लगता है उस रोज़ ये जिस्म बेजान है।🌹मैं भी हुआ करता था वकील इश्क वालों का कभी….नज़रें उस से क्या मिलीं आज खुद कटघरे में हूँ…✍🏻✍🏻🐊𢐪तेरे‬ 👧सिवा कौन ‎समा‬💏 सकता है ‎मेरे‬ ❤दिल में,…….‪रूह‬ 🙇भी गिरवी👍 रख दी है मैंने 👨👈‎तेरी‬ 👧चाहत में !!💐

Rakesh Kumar r.k.k

दिल की हस्ती बिखर गई होती,
रूह के जखम भर गए होते,
जिन्दगी आपके नवाज़ में हे,
वरना हम तो कब के मर गए होते……हमारी चाहत की हदें चाहे कुछ भी हो,मगर हम जिसे चाहते हैं, बेमिसाल चाहते हैं!❤सलामती का रास्ता तो था ही नहीं
मुझे तो किसी की दुआओं ने आज फिर बचायाबहुत से सवालों के हमे जवाब नही चाहिए**सुकूँ चाहिए जिंदगी का*
*हिसाब नही चाहिए*ना लफ़्ज़ों को लहू निकलता है ना किताबें बोल पाती हैं,**मेरे दर्द के दो ही गवाह थे और दोनों ही बेजुबान थे*✍🏻रुबरुए यार हुए जब….
हौश कहाँ रहा ,
न खुद का ….
न जहां का ,
बस नजर में तुम समाये रहेन जाने क्यों लोग अपना बना के सज़ा देते है,
जिंदगी छीन के… ज़िन्दगी की दुआ देते है ।तुम्हारी चुप्पी भी टूटेगी ।**मुझे मर तो जाने दो ।।*😒बस नजर उठा कर देख लिया होता, अगर तमन्ना थी हमें डराने की! हम तो यूं ही बेहोश हो जाते, क्या जरूरत थी मुस्कुराने कीमैंनेकहा था ना तुम छोड़ दोगी एक दिन मेरा हाथ …**इस बात पर तुम मुझसे लड़ा करती थी*😒

Rakesh Kumar r.k.k

दास्तां ए इश्क सुनोगें ?**छोड़ो**मैं हंस के कहुँगा तो भी तुम रोने लगोगे ।।मसला सारा इस सुकून का है**जो तुम्हे सिर्फ देख लेने भर से मिल जाता है ❤मोहब्बत की बातों में मुस्कुराहट भी अजीब होती है*💕💕*बात कहनी भी नही होती है लेकिन छुपानी भी पड़ती है*
💕💕क्या लिखूं और कितना लिखूं , दिल के एहसासों को…….**जिंदगी भरी पड़ी है सब, अनकहें अल्फाज़ों से……..🌹💓💞🌻💞अपने क़दमों के निशान मेरे रास्ते से हटा दो,**💞🌻💞कहीं ये ना हो कि मैं चलते चलते तेरे पास आ जाऊं।”आँखों पर तेरी निगाहों ने…दस्तख़त क्या किए”**”हमने साँसों की वसीयत… तुम्हारे नाम कर दी”।ये रस्म, ये रिवाज़
सब तोड आना तुम.. .मैं बिखरूं
उससे पहले
एक बार मिल जाना तुम….❤❤जी भर क देखू तुझे अगर गवारा हो .
बेताब मेरी नज़रे हो और चेहरा तुम्हारा हो .
जान की फिकर हो न जमाने की परवाह .
एक तेरा प्यार हो जो बस तुमारा हो!एक जैसी ही फितरत होती है मेहंदी ओर मोहब्बत की ….
कुछ भी करो.. एक ना एक दिन फीकी पड ही जाती है !!ुज़र जाते हैं …..खूबसूरत लम्हें ….यूं ही मुसाफिरों की तरह….**यादें वहीं खडी रह जाती हैं …..रूके रास्तों की तरह….*
💞

Rakesh Kumar r.k.k

साथ देने की क्या बात करते हो साहब…**हमने तो उनके साथ छोड़ने में भी उनका साथ दिया…दुरियां हैं माना …पर प्यार तो हैं ,❤️*
*मिलों के फासलें सहीं …’ऐतबार’ भी हैं”❤💕❤️💞💔💔💔💔
इश्क़ सभी को जीना सिखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सीखा देता है,
इश्क़ नहीं किया तो करके देखो,
ज़ालिम हर दर्द सहना सीखा देता है!
😨😓😓😓😨😨💓अब 😍 खोल भी दे अपने प्यार 💑 का दरवाज़ा,
तेरे दिल ❤ के बाहर मै रोज़ अपनी चाहत 🌷 की Bell 🔔 बजाएँ खड़ा रहता हुं.सुबह-शाम एक एक बार तो “तुम” दिख जाया करो,
मुझे हकीम ने कहा है दवा वक्त पर लेते रहना…….💞💞💞तुझ से दूर रहकर….. मोहब्बत बढ़ती जा रही हैं……_**_क्या कहूँ….. कैसे कहूँ….. ये दुरी तुझे और करीब ला रही हैं ……_*💞💞💞मत पढा देना तुम अपनी शायरीयां किसी और को..!!जिसने देखा भी नहीं तुम्हे वो मुहब्बत कर बैठेगा तुमसे….!!!!सी से क्यों प्यार होता है
..
जिसे प्यार की कद्र नही होती

Rakesh Kumar r.k.k

दर्द को सजाकर पेश करना पड़ता है,**यू ही नही लोग महफिलो में तालियाँ बजाते है।हमने देखे थे हज़ारों ख़्वाब “तुम्हारे साथ “💞..
और अब तुम्हारा साथ ही “एक ख़्वाब है.💞…इतनी सी ज़िंदगी हैं पर ख़्वाब बहुत हैं..**जुर्म का तो पता नहीं पर इल्ज़ाम बहुत हैं..💕चुरा के नजर हमसे ……*
*आखिर कंहा तक जाओगे …..*
*अगर तकदीर में होगे ..*
*तो मिल ही जाओगे ….💕तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है;
जिसका रास्ता बहुत खराब है;
मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा;
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।

Rakesh Kumar r.k.k

अक्सर ठहर कर देखता हूँ अपने पैरों के निशान को,☺वो भी अधूरे लगते है तेरे साथ के बिना !!❣❣❣ *एक बेक़रारी सी है*
*……इन हवाओं में,*
*लगे यूँ कि जैसे तू मौजूद हैं*
*……इन फिज़ाओं में*❣❣❣किसी ने यूँ ही पुछ लिया हमसे कि दर्द की कीमत क्या है;
हमने हँसते हुए कहा, पता नहीं कुछ अपने मुफ्त में दे जाते हैं।मुझमें और किस्मत में, हर बार बस यही जंग…..!**मैं उसके फैसलों से तंग, वो मेरे हौसले से दंग….. !!तू रंज न कर मैं तुझसे नही खुद से रुठा हूँ..मैं वो फल हूँ जो अपनो के पत्थर से टूटा हूँ..ज़िन्दगी एक पल है
जिसमे ना आज है ना कल है;जी लो इसको इस तरह कि
जो भी आपसे मिले वो यही कहे;बस यही मेरी ज़िंदगी का हसीन पल है।